नाराज़ ना होना कभी बस यहीं एक गुज़ारिश है, महकी हुई इन साँसों की साँसों से सिफ़ारिश है।
तुम्हारे साथ आजकल यूँ हर जगह रहता हूँ मैं, हद से ज्यादा सोचूं तुम्हें बस यहीं सोचता हूँ मैं।
जिनकी झलक मे करार बहुत है.. उसका मिलना दुशवार बहुत है.. जो मेरे हांथों की लकीरों मे नहीं.. उस से हमें प्यार बहुत है.
तुम्हारे साथ आजकल यूँ हर जगह रहता हूँ मैं, हद से ज्यादा सोचूं तुम्हें बस यहीं सोचता हूँ मैं।
जिनकी झलक मे करार बहुत है.. उसका मिलना दुशवार बहुत है.. जो मेरे हांथों की लकीरों मे नहीं.. उस से हमें प्यार बहुत है.
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